हमारा सिर्फ नारा था,
लाठी तुम्हारी थी।
हमारी कुछ मांगें थी,
पिस्तौल-गोली सब तुम्हारी थी।
हम तो शांति से चल रहे थे,
भगदड़ तुमने मचाई थी।
लाठी-डंडे खुद चलाकर
अफवाह भी तुमने ही फैलाई थी।
अब तक मांग रहे थे प्रधान का इस्तीफा,
अब पंत प्रधान का भी इस्तीफा मांगेंगे।
तुम्हारी डिक्शनरी में नहीं होगा जो
तुमसे उसी प्रश्न का जवाब मांगेंगे।
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