Tuesday, March 8, 2011

यमुना का चीरहरण, लंबा हुआ कृष्ण का इंतजार

आज कई दिनों के बाद लगा कि एक बार फिर से किसी ने यमुना का चीर हरण कर दिया है। जी जनाब! आपने बिल्कुल सही पढ़ा यमुना का चीर हरण। वही यमुना जिसने पिछले दिनों कई लोगों को बेघर कर दिया। अजी वही यमुना जिसने बिना इजाजत के पिछले दिनों दिल्ली में कई लोगों के घरों में घुसपैठ कर दी थी। रौब तो देखिए, बाहर से ताला लगा रहा लेकिन ये फिर भी अंदर दाखिल हो गई। आज यमुना पुल से आईटीओ होते हुए ऑफिस आ रहा था, तो यह हादसा देखा। हादसा! अरे भई ऊपर बता तो दिया कि यमुना का चीर हरण हो गया है। पिछले दिनों जिस तरह से यमुना पानी से लबालब भरी हुई थी उसे देखकर मन हिचकोले खा रहा था। यह ठीक वैसा ही था जैसे किसी महिला ने घूंघट ओढ़ रखा हो और आप उसके दीदार को तरस रहे हों।

आज देखा तो यमुना कई जगहों से नंगी नजर आई। फिर सोचने लगा आखिर इसका चीर हरण फिर से कैसे हो गया। कुछ ही दिन पहले की तो बात है, जब मेघ रूपी श्रीकृष्ण ने इसकी लाज बचाने के लिए अपने सारे घोड़े दौड़ा दिए थे। कृष्ण ने एक बार फिर से यमुना का साथ छोड़ दिया और उसका चीर हरण हो गया। अब देखो कैसे-कैसे दुर्योधन इसको फिर से गंदा करते हैं। कोई इसमें सीवर मिला रहा है तो कोई पूजा के फूल डाल रहा है। कुछ लोग खुद के पाप धोने में इसकी पतली सी धोती को मैला कर रहे हैं। कॉमनवेल्थ गेम्स के समय विदेशी लोग भी आए यमुना के चीर हरण के नजारे को देखने के लिए। लेकिन उस समय कृष्ण ने काफी हद तक यमुना की लाज बचाए रखी। लेकिन अब तो उसका चीर हरण हो चुका है। आखिर कब आएगा यमुना का कृष्ण जो उसे इस चीर हरण से हमेशा के लिए निजात दिलाएगा?

आप सोच रहे होंगे अब इतनी देर में क्‍यों तो आपको बता दूं लाइवहिन्‍दुस्‍तान के ब्‍लॉग पर उस समय लिखा था लेकिन अपने व्‍यक्तिगत ब्‍लॉग पर पोस्‍ट को टांगने का वक्‍त अब ही मिला है।

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